मुंबई में BJP विधायक बोले-मुस्लिम गरबा में आ सकते हैं:शर्त रखी- तिलक लगाना होगा, पूजा करनी होगी; मंत्री राणे ने विरोध किया था

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मुंबई में BJP विधायक बोले-मुस्लिम गरबा में आ सकते हैं:शर्त रखी- तिलक लगाना होगा, पूजा करनी होगी; मंत्री राणे ने विरोध किया था

मुंबई के बोरीवली में होने वाले गरबा कार्यक्रम में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर बीजेपी ने शर्त रखी है। बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि गरबा में शामिल होने वाले मुस्लिमों को तिलक लगाना होगा और देवी की पूजा करनी होगी। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने भी नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री का विरोध किया था। इस साल शारदीय नवरात्रि 11 से 19 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बीजेपी नेता बोले- मुस्लिमों को तिलक से आपत्ति नहीं होनी चाहिए पूर्व बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी ने भी मुस्लिमों की गरबा में एंट्री को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुस्लिम तिलक लगाकर आता है तो उसे गरबा में शामिल होने दिया जा सकता है। शेट्टी ने कहा कि जिस तरह हिंदू नेता ईद के कार्यक्रमों में टोपी पहनते हैं, उसी तरह गरबा में आने वाले मुस्लिमों को तिलक लगाने में आपत्ति नहीं होनी चाहिए। कार्यक्रम के आयोजक संतोष सिंह ने बताया कि इस बार गरबा के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। कार्यक्रम में एंट्री से पहले लोगों के आधार कार्ड चेक किए जाएंगे। नितेश राणे ने लगाया था लव-जिहाद का आरोप नितेश राणे ने सोमवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा था- कुछ मुस्लिम युवक हिंदू नाम बताकर या हिंदू होने का ढोंग करके गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश करते हैं, माथे पर तिलक लगाते हैं। हिंदू लड़कियों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ का खतरा बताते हुए हिंदू लड़कियों की सुरक्षा के लिए मुसलमानों को गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश न देने की मांग की थी। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की मांग का समर्थन करते हुए कहा था- जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में भाग नहीं लेना चाहिए। हरेक गरबा मैदानों में लोगों को प्रवेश से पहले अपनी पहचान दिखानी होगी और हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा। महाराष्ट्र CM की पत्नी बोलीं- मुस्लिमों का गरबा देखना गलत नहीं महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने 9 सितंबर को कहा था कि अगर मुस्लिम भी गरबा देखने आते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होने चाहिए। अमृता ने यह बात मंत्री राणे के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में ये बात कही थी। मुस्लिमों की एंट्री पर विवाद कैसे शुरू हुआ 4 सितंबर, 2026: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों को एंट्री नहीं देने की मांग की। आयोजकों से लोगों की पहचान जांचने और हिंदू पहचान के लिए आधार कार्ड देखने और तिलक लगाने जैसी गाइडलाइन भी जारी की गईं। 6 सितंबर, 2026: VHP के इस रुख की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया। VHP ने फिर कहा कि नवरात्रि देवी की पूजा का त्योहार है और इसे केवल डांस-इवेंट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। 7-8 सितंबर, 2026: महाराष्ट्र के मंत्री और BJP नेता नितेश राणे ने VHP के रुख का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नवरात्रि जैसे आयोजनों के जरिए ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ते हैं। उन्होंने गरबा में आने वालों की पहचान जांचने और यहां तक कि हनुमान चालीसा का पाठ कराने की बात कही। ————— ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र में नवरात्रि पर गरबा में मुस्लिम बैन, आधार कार्ड जांच और तिलक से पहचान के बाद एंट्री विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा-डांडिया में मुस्लिमों को शामिल नहीं होने देने का फैसला किया है। विहिप ने आयोजकों के लिए नियम तय किए हैं। इनमें आने वालों के आधार कार्ड की जांच और हिंदू पहचान की पुष्टि के लिए माथे पर तिलक लगाने को कहा गया है। पूरी खबर पढ़ें…​ 

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