केरलम में सावरकर से जुड़ा सवाल पूछने पर टीचर सस्पेंड:स्कूल के फ्रीडम क्विज में हुआ विवाद; हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- क्या ये गैर-कानूनी था

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केरलम में सावरकर से जुड़ा सवाल पूछने पर टीचर सस्पेंड:स्कूल के फ्रीडम क्विज में हुआ विवाद; हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- क्या ये गैर-कानूनी था

केरल हाईकोर्ट ने सावरकर पर गलत सवाल बनाने के आरोप में सस्पेंड एक टीचर की याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस विजू अब्राहम ने सरकार से पूछा कि टीचर ने कौन सा गैरकानूनी काम किया, जो उसे सस्पेंड कर दिया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा- जब अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा चुकी है, तब सस्पेंशन जरूरी क्यों था। शिक्षक की कोई दूसरी मंशा रही हो सकती है, लेकिन क्या सिर्फ गलत सवाल रखने पर ऐसा किया जा सकता है। दरअसल, 6 अगस्त को कोच्चि में स्कूल लेवल के सोशल साइंस क्लब फ्रीडम क्विज 2026 रखा गया था। टीचर गुरु प्रसाद राय ने इसके लिए सवाल बनाए थे। हाईकोर्ट ने सरकार को वह खास वजह बताने का भी निर्देश दिया, जिसके आधार पर टीचर पर एक्शन हुआ। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। वो सवाल जिस पर विवाद हुआ टीचर गुरु प्रसाद ने क्विज में सवाल रखा, “ब्रिटिशर्स के हाथों सबसे ज्यादा सजा पाने वाले स्वतंत्रता सेनानी कौन हैं? इसके जवाब में उन्होंने वीडी सावरकर का नाम लिखा था। सोशल साइंस क्लब फ्रीडम क्विज 2026 के सवालों की लिस्ट में शामिल था। यह क्विज कुंबला और मंजेश्वर के लोअर प्राइमरी, अपर प्राइमरी और हाईस्कूल सेक्शन के छात्रों के लिए था। लोअर प्राइमरी सेक्शन के लिए 15 सवाल और 5 टाई-ब्रेकर सवाल थे। इनमें से एक सवाल यही था, जिसके बाद व्यापक विरोध हुआ और शिक्षा अधिकारियों ने जांच शुरू की। इसके बाद रविवार को टीचर के खिलाफ एक्शन लिया गया। अंग्रेजों ने सावरकर को कालापानी की सजा सुनाई थी सावकर को 1910 में गिरफ्तार किया गया। उन पर नासिक षड्यंत्र मामले समेत क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े आरोप लगे। 1911 में उन्हें अंडमान की सेलुलर जेल भेजा गया। उन्हें दो आजीवन कारावास की सजा मिली, जिसे कुल 50 साल के रूप में दर्ज किया गया था। भारत सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार इस दौरान उन्होंने लंबे समय तक कठोर कारावास और श्रम झेला। ———————– ये खबर भी पढ़ें… सावरकर मानहानि केस; पड़पोते बोले- नेहरू ब्रिटिश समर्थक थे: अगर सावरकर अंग्रेजों से समझौता कर लेते तो पीएम बन सकते थे स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के पड़पोते सात्यकि ने जुलाई में पुणे की विशेष अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में बयान दिया था। उन्होंने दावा किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ थे और उन्होंने ब्रिटिश समर्थक नीतियां अपनाई थीं। पढ़ें पूरी खबर…​ 

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